July 31, 2021

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किसान महापंचायत में गरजे राकेश टिकैत महापंचायत में सभी धर्मों का राकेश टिकैत को मिला समर्थन

किसान महापंचायत में गरजे राकेश टिकैत महापंचायत में सभी धर्मों का राकेश टिकैत को मिला समर्थन

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शासन-प्रशासन महापंचायत में पूरी तरीके से दिखा मुस्तैद
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नागल क्षेत्र के गांव लाख नोर में आज भारतीय किसान यूनियन व भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा के बैनर तले किसान महापंचायत का आयोजन किया गया जिसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित थे, महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के विभिन्न संगठनों के प्रवक्ताओं ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा की वर्तमान सरकार का शासन अंग्रेजी शासन जैसा है, यह हमारी जमीन भेजना बेचना चाहते हैं, हमने 70 साल की सरकार को हटाकर भाजपा सरकार लाए थे, लेकिन यह सरकार तो किसान विरोधी निकली ,प्रिंस कुमार ने कहा की हमने अपने बचपन से ही खेत खलियान देखे हैं, हम बचपन से ही किसान और किसान के बेटे हैं, उन्होंने कहा जब पेट्रोल के दाम बढ़े हैं, तो दूध के दाम भी बढ़ने चाहिए ,विनोद तेजयान ने कहा अब यह आंदोलन किसान के सम्मान का आंदोलन है, हम सभी को इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ और कृषि बिल के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेज सिंह गुर्जर ने कहा कि आंदोलन यह आंदोलन सिर्फ किसान आंदोलन नहीं बल्कि किसान मजदूर आंदोलन है , भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार ने कहा कि सरकार झूठा प्रचार करती है कि यह आंदोलन एक जाति विशेष का आंदोलन है, आप देख सकते हैं कि इस महापंचायत में सर्व समाज भारतीय किसान यूनियन संगठन को अपना समर्थन दे रहा है, उन्होंने कहा कि 26 जनवरी का आंदोलन भी सरकार द्वारा एक षड्यंत्र था जो किसानों को देशद्रोही तथा खालिस्तानी घोषित करना चाह रही है, पश्चिमी उत्तर प्रदेश मोर्चा के बख्तावर सिंह ने कहा मौजूदा सरकार कोरोना काल में किसानों के ना चाहते हुए भी कृषि बिल लेकर आई, यह सरकार अडानी, अंबानी की सरकार है यह डेमोक्रेसी को खत्म कर कॉर्पोर्टरसी लाना चाह रही है। और महापंचायत प्रारंभ होने के लगभग 2 घंटे के पश्चात भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत का आगमन हुआ उनके आते ही महापंचायत में शामिल हुए सभी किसानों का उत्साह देखते ही बन रहा था, मंच से गुर्जर समाज राव समाज , गाडा समाज, ब्राह्मण समाज ठाकुर समाज, द्वारा उन्हें पगड़ी, स्मृति चिन्ह तथा तलवार भेंट कर उनका स्वागत किया गया, जाट समाज के अध्यक्ष चौथी बख्तावर सिंह ने भी उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया , विनोद तेजियान तथा ममता शिवा ने उन्हे बहुजन रत्न स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। और तब राकेश टिकैत मंच से वर्तमान सरकार के खिलाफ और कृषि बिल के खिलाफ गरजे, उन्होंने कहा इस महापंचायत और आंदोलन में, मै देख रहा हूं कि नौजवान इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शिरकत कर रहे हैं उन्होंने कहा कि नौजवान इस आंदोलन की रीढ़ है ,जो सरकार द्धारा लगाई गई एक-एक कील को उखाड़ फेंकेगा, उन्होंने कहा एमएसपी पर कानून बनाना होगा और तीनों बिल वापसी लेने हों,गे जब तक बिल वापसी नहीं ,तो घर भी वापसी नहीं। उन्होंने कहा यह सरकार लुटेरों की सरकार है दिल्ली में 3:30 लाख तथा पच्चीस लाख आदमी दिल्ली गए तथा वहां पर शांतिपूर्वक आंदोलन किया और अपने घर वापस आए, लाल किले के मामले में जबरदस्ती किसानों को फसाया जा रहा है ,और देश के दूसरे लोगों को भ्रमित किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि हम 25 मार्च तक पूरे देश में गांव गांव जाकर भ्रमण करेंगे तथा अपने प्रोग्राम करेंगे, उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में भाग लें और आंदोलन को मजबूत बनाएं तथा कृषि बिल वापसी में उनका सहयोग करें ,उन्होंने कहा सरकार किसान की पगड़ी उछालने का कार्य कर रही है उन्होंने बताया यदि व्यापारी को उसके व्यापार में नुकसान होता है, तो वह जगह को भी छोड़ देता है, और व्यापार को भी छोड़ देता है, परंतु भारत का किसान यदि खेती में कितना भी नुकसान हो ,तो वहन तो खेती करना छोड़ता है और ना ही अपने गांव को छोड़ता है, भारत की आत्मा किसान ,है उन्होंने कहा अधिक से अधिक किसान दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन में साथ दें और उनकी खेती गांव में बाकी जो किसान रहते हैं वह मिलजुलकर जुताई और गुड़ाई करें, उन्होंने कहा कि भारत में विपक्ष भी कमजोर ही था जो कृषि बिल पास हुआ, सभी किसान सुख दुख में एक दूसरे का साथ दें तथा जाति पाति को भूल कर सिर्फ किसान धर्म को याद रखें, उन्होंने मंच से किसान धर्म 2021 का आगाज किया, उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि सभी किसान अपने आप को दलित ,ब्राह्मण ,राजपूत, वैश्य आदि जातियों से ना जोड़ें बल्कि अपने आपको किसान धर्म से जोड़े, उन्होंने कहा की किसान और मजदूर संगठित हो तथा एक दूसरे का साथ दें, दलित समाज के समर्थन पर उन्होंने कहा दलित भा,ई सफाई कर्मचारी हमारे भाई हैं उन्होंने कुछ चैनलों पर भी व्यंग कसते हुए कहा कि कुछ कैमरे और कलम पर बंदूक का पहरा है जो सरकार के द्वारा रटी रटाई बातें ही बोलता है, उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी औलाद प्यारी होती है लेकिन उस औलाद से भी प्यारी किसान को अपनी जमीन लगती है और वह अपनी जमीन को किसी भी हालात में लूटने नहीं देंगे ,उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि देश में हल क्रांति होगी तथा किसानों के औजार ही अब उनके हथियारों के रूप में कार्य करेंगे, उन्होंने लखनौर निवासियों को इस महापंचायत के आयोजन पर हार्दिक धन्यवाद दिया , महापंचायत में मुख्य रूप से भगत सिंह, राजपाल सिंह पनियाली, हाफिज मुखिया, रविंद्र चौधरी, विनोद तेजियान, हसन, सलीम उस्ताद, राजकुमार रोड, संवैधानिक क्रांति संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता शिवा, सपा विधायक संजय गर्ग , रणबीर मास्टर , चौधरी उमेश त्यागी, सत्य पाल आर्य ,वीर सिंह सैनी, ओमपाल चौधरी, संजीव चौधरी ,बिट्टू चौधरी ,रजनीश चौधरी ग्राम प्रधान नागल रामपाल नोसरान, पारूल चौधरी ,राजकुमार चौधरी ,संजीव चौधरी शेखपुरा प्रधान, सोहन चिड़ा प्रधान सहित हजारों की संख्या में किसान उपस्थित रहे