मु0नगर में समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, पूतला फूकने का प्रयास
मुजफ्फरनगर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने रविवार को जोरदार प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने महावीर चौक स्थित पार्टी कार्यालय से कचहरी गेट तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन में सपा विधायक पंकज मलिक भी शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूचियों की जांच की मांग को लेकर नारेबाजी की।
सपा के इस घोषित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। महावीर चौक स्थित सपा कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सवेरे दस बजे से ही सपा नेता और कार्यकर्ता भारी संख्या में पुलिस के विरोध और घेराबंदी के बावजूद पार्टी कार्यालय पर जुटने लगे थे। दोपहर करीब 12 बजे कार्यकर्ताओं ने कार्यालय से कचहरी की ओर बढ़ना शुरू किया। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ गए और कचहरी गेट पर पहुंचे।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ता झांसी की रानी की ओर से पुतला लेकर आगे बढ़े। पुलिस ने पुतला जलाने का प्रयास होते ही कार्रवाई करते हुए उसे छीन लिया। सिविल ड्रेस में तैनात एक पुलिसकर्मी पुतला लेकर टाउनहॉल की ओर भागता दिखाई दिया, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों ने आग लगी लकड़ी भी अपने कब्जे में ले ली।
पुतला पुलिस के कब्जे में जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त की तस्वीर में आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने तस्वीर भी छीनकर आग बुझा दी। पुतला और तस्वीर छीनने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी और राकेश शर्मा ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। दोनों की सिविल लाइन थाना प्रभारी रघुराज सिंह चौहान से बहस भी हुई। सपा नेताओं ने प्रदर्शनकारियों, विशेषकर महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी का आरोप लगाया। इसके बाद कार्यकर्ता वापस पार्टी कार्यालय की ओर लौट गए।
जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने बताया कि सपा ने यह प्रदर्शन ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत आयोजित किया। पार्टी नेताओं ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों की जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।
विधायक पंकज मलिक ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए देश के नागरिकों के वोट के अधिकार को प्रभावित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जनता में इस मुद्दे को लेकर आक्रोश है और पुलिस के माध्यम से आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। मलिक ने दावा किया कि वर्ष 2027 में जनता इसका जवाब देगी।




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