‘पितृकृपा’ में उमड़े 4 हजार से अधिक श्रद्धालु, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं संग मनाया गोवर्धन पूजा महोत्सव
मुजफ्फरनगर, 7 अक्टूबर 2026। ग्राम जलालपुर स्थित श्री पितृदेव स्थान – सिंघल परिवार में आयोजित ‘पितृकृपा’ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के पंचम दिवस बुधवार को कई हजार श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति से कथा परिसर में खड़े होने के लिए भी जगह कम पड़ गई। कथाव्यास परम पूज्या साध्वी डॉ. विश्वेश्वरी देवी जी (श्री राम कृपा धाम, हरिद्वार) ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन प्रसंग के माध्यम से भक्ति, गौसेवा तथा प्रकृति के संरक्षण का महत्व बताया।

साध्वी जी ने बताया कि भगवान की बाल लीलाओं में पंचतत्त्व की शुद्धि का भाव निहित है। कालिय नाग के प्रसंग में जल, दावानल की लीला में अग्नि, तृणावर्त के प्रसंग में वायु, मिट्टी खाने की लीला में पृथ्वी और इन्द्र के मान-मर्दन में आकाश तत्त्व की शुद्धि का वर्णन किया गया।
पूतना प्रसंग में अज्ञान से मुक्ति का भाव बताया गया। माखन चोरी की लीला को भक्तों के निर्मल मन से जोड़ते हुए साध्वी जी ने उलूखल बंधन का वर्णन किया और बताया कि भक्तों का प्रेम भगवान को भी बाँध लेता है।

गोचारण लीला में उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने स्वयं गायों की सेवा करके संसार को गौसेवा की सीख दी। गोवर्धन लीला के माध्यम से प्रकृति के संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि हम प्रकृति को सुरक्षित रखेंगे तो प्रकृति भी हमारी रक्षा करेगी। इस अवसर पर गोवर्धन पूजा महोत्सव मनाया गया।
समस्त सिंघल परिवार द्वारा पितरों के निमित्त आयोजित ‘पितृकृपा’ पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और उनके दिए संस्कारों के स्मरण का अवसर है। गौसेवा और प्रकृति की रक्षा का आज का संदेश इसी भावना से जुड़ा रहा—पूर्वजों से मिली सीख को अपने आचरण में अपनाना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना।

उपस्थित सम्मानित व्यक्तियों में श्री मीनाक्षी स्वरूप जी, श्री भीमसेन कंसल जी, श्री संजय मित्तल जी, श्री अशोक गर्ग जी, श्री हरिशंकर तायल जी, श्री अनिल कुमार गोयल जी, श्री जे पी गोयल जी, श्री बिजेन्द्र अग्रवाल राणो जी, श्री अमरीश कुमार सिंघल जी, श्री विकास अग्रवाल जी, श्री योगेश मित्तल जी, श्री रजत गोयल जी एवं श्री गणपति खाटू श्याम मंदिर कमेटी, श्री बालाजी धाम मंदिर कमेटी, श्री सालासर बालाजी मंदिर कमेटी के समस्त सदस्यगण उपस्थित रहे।

श्याम पधारे म्हारे गांव’ की समस्त टीम श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा में सक्रिय रही। बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने तथा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




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