अंतरराष्ट्रीय सतत औषधि खोज एवं पर्यावरण स्वास्थ्य सम्मेलन मुजफ्फरनगर में आयोजित
मुजफ्फरनगर भोपा रोड स्थित एस.डी. कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड वोकेशनल स्टडीज में (BioStart 2.0: Translational Research for sustainable Drug Discovery and Environmental Health) विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के सभागार में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर तथा फीता काटकर किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अनिल कुमार, माननीय मंत्री साईंस एण्ड टैक्नोलोजी उत्तर प्रदेश सरकार रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. फरहान जलीस अहमद डीन, विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एस0पी0आर0) जामिया हमदर्द, सरकारी सहायता प्राप्त डीम्ड विश्वविद्यालय नई दिल्ली, श्री संदीप बडोला, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल, भारत, केंद्रीय परिषद सदस्य, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पी0सी0आई0),नई दिल्ली, भारत, डॉ. विभु सहानी, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, फार्मेसी विभाग, एल.एल.आर.एम. मेडिकल कॉलेज, मेरठ अध्यक्ष, वित्त समिति, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पी0सी0आई0) रहे। इस अवसर पर एस.डी. ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के संरक्षक श्री नीरज कुमार, एस0डी0 काॅलेज आॅफ फार्मेसी एण्ड वोकेशनल स्टडीज के सचिव श्री ध्रुव कुमार और मैनेजिंग कमेटी से श्री विनोद कुमार सदस्य एवं श्री महेन्द्र गोयल तथा कॉलेज के निदेशक डॉ. अरविंद कुमार ने अतिथिगण का आभार व्यक्त करते हुए सभी का स्वागत एवं सम्मान किया।
सम्मेलन में विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष, शोधकर्ता, शिक्षक एवं देश-विदेश से आए लगभग 1000 फार्मेसी प्रोफेशनल प्रतिनिधियों ने भाग लिया और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में नई दवाईयों की खोज और विकास करना जो प्रभावी होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए सुरक्षित और टिकाऊ भी जो मुख्य चर्चा का विषय रहें। सतत औषधि खोज एवं पर्यावरण स्वास्थ्य पर जानकारी प्राप्त की।
मुख्य अतिथि श्री अनिल कुमार ने कॉलेज के समस्त पदाधिकारीगण को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि बायोस्टार्ट 2.0 फार्मेसी के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं को सतत औषधि खोज एवं पर्यावरण स्वास्थ्य पर जानकारी प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस अवसर पर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति प्रो. जे.पी. पाण्डेय ने अपने छाया प्राप्त संदेश में कहा कि यह सम्मेलन फार्मास्यूटिकल अनुसंधान और सतत औषधि खोज एवं पर्यावरण स्वास्थ्य को एक मंच पर जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है, जो शोध, उद्योग और उद्यमिता के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा साथ ही डॉ. विभु सहानी, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, फार्मेसी विभाग, एल.एल.आर.एम. मेडिकल कॉलेज, मेरठ अध्यक्ष, वित्त समिति, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पी0सी0आई0) ने कहा कि यह सम्मेलन फार्मास्यूटिकल उद्यमियों और शोधकर्ताओं को एक साझा मंच प्रदान कर फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी, क्लीनिकल प्रैक्टिस, कंज्यूमर हेल्थकेयर तथा सतत औषधि खोज एवं पर्यावरण स्वास्थ्य पर जानकारी को सशक्त बनाएगा।
सम्मेलन के मुख्य वक्ताओं में डॉ. हरीश दुरेजा प्रोफेसर एवं डीन (अनुसंधान एवं विकास) महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक, हरियाणा, भारत, डॉ. दिनेश कुमार विभागाध्यक्ष, फार्मास्यूटिकल साइंसेज विभाग सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा महेंद्रगढ़, हरियाणा, भारत ने सतत औषधि खोज एवं पर्यावरण स्वास्थ्य के विषय पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए।
अंतरराष्ट्रीय पैनलिस्ट के रूप में डॉ. बलराम प्रसाद साह प्रबंधक (विभागाध्यक्ष, अनुसंधान एवं विकास) क्वेस्ट फार्मास्युटिकल प्रा. लि.आदर्शनगर, बिरगंज, नेपाल, डॉ. एम. डी. अली मुज्तबा एसोसिएट प्रोफेसर सेंटर फॉर हेल्थ रिसर्च नॉर्दर्न बॉर्डर यूनिवर्सिटी अरार, सऊदी अरब, डॉ. सी. कार्तिकेयन एसोसिएट स्टाफ साइंटिस्ट यूएएमएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड मेडिकल साइंसेज संयुक्त राज्य अमेरिका, डॉ. दिगंबर के. वाइकर पीडीएफ, पर्ड्यू इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ड्रग डिस्कवरी, पर्ड्यू यूनिवर्सिटी संयुक्त राज्य अमेरिका (यू.एस.ए.), डॉ. शरद्ध विश्ट सहायक प्रोफेसर कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सिहान यूनिवर्सिटी एरबिल कुर्दिस्तान क्षेत्र, इराक, डॉ. विनीत राज रिसर्च प्रोफेसर फार्मेसी विभाग चुंग-आंग यूनिवर्सिटी सियोल, दक्षिण कोरिया ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और सतत औषधि खोज एवं पर्यावरण स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
इस कार्यक्रम में संस्थान के सभी पदाधिकारीगण एवं स्टाॅफ, डाॅ0 वैशाली, डा0 भूवानेन्द्र सिंह, डा0 पोपिन कुमार, डाॅ निशा सिंह, डाॅ0 पायल दीपक, डाॅ हुमा सैफी, प्रवीन कुमार, डा0 कुलदीप सैनी, मीनू देवी, रितू कौशिक, आसिफ खान, रवि कुमार, प्रभा, दीपिका, मौ0 जूबैर, मिनाता, नसीम अहमद, विकास कुमार, पल्लवी, अंशु पंवार, निदा बेबी, पीयूष कुमार सिंघल, महिमा, सलमान, समी जैदी, सुबोध कुमार, विनय कुमार, सना जैदी, सोनू कुमार, अक्षय वर्मा, एलिश, स्मृति माथूर, शुभम आदि उपस्थित रहे।
अंत में निदेशक डॉ. अरविंद कुमार डा0 सिद्धार्थ शर्मा, डा0 सन्दीप मित्तल, डा0 आलोक गुप्ता, डा0 सचिन गोयल ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भविष्य में फार्मास्यूटिकल अनुसंधान, सतत औषधि खोज एवं पर्यावरण स्वास्थ्य को नई दिशा प्रदान करेंगे।




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