September 25, 2026

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रोहाना समिति की वार्षिक आम सभा संपन्न, किसानों ने अधिकारियों के सामने उठाई खाद-बीज और तौल की समस्याएं।

रोहाना समिति की वार्षिक आम सभा संपन्न, किसानों ने अधिकारियों के सामने उठाई खाद-बीज और तौल की समस्याएं।

रोहाना समिति की वार्षिक आम सभा संपन्न, किसानों ने अधिकारियों के सामने उठाई खाद-बीज और तौल की समस्याएं।

मुज़फ्फरनगर। (संवाददाता- अनिल त्यागी) रोहाना समिति की ओर से 2026-27 की वार्षिक साधारण सामान्य सभा का आयोजन किया गया। इस अहम बैठक में क्षेत्र के किसानों और विभिन्न शुगर मिलों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभा में किसानों ने यूरिया खाद की कमी, महंगे बीज और तौल केंद्रों की मनमानी को लेकर जमकर अपनी भड़ास निकाली। वहीं समिति अध्यक्ष ने जल्द ही इन सभी समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया है। रोहन समिति प्रांगण में आयोजित इस वार्षिक आम सभा में क्षेत्र के भारी संख्या में किसानों ने शिरकत की। बैठक में खाई खेड़ी, देवबंद, तितावी और आईपीएल रोहाना शुगर मिल के आला अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही समिति के सभी डायरेक्टर और डेलीगेट्स ने भी हिस्सा लिया। सभा के दौरान किसानों ने मंच से अपनी कई गंभीर समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। कुछ किसानों ने अपने क्षेत्र में खाई खेड़ी मिल का कांटा (तौल केंद्र) न लगाए जाने की पुरजोर मांग उठाई। बैठक में खाद और बीज का मुद्दा सबसे ज्यादा छाया रहा। ग्राम रोहाना कलां के पूर्व प्रधान अरविंद त्यागी ने बताया कि किसानों के सामने सबसे बड़ा संकट यूरिया का है। वर्तमान में छोटे या बड़े, सभी किसानों को केवल 5-5 कट्टे यूरिया ही मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि इस कोटे को बढ़ाया जाए। वहीं गन्ने की नई प्रजाति के बीज की कीमतों ने भी किसानों को परेशान कर रखा है। किसानों का तर्क था कि जब उनका गन्ना 400 रुपये प्रति क्विंटल जा रहा है, तो उन्हें नई प्रजाति का बीज 2000 रुपये प्रति क्विंटल के ऊंचे दाम पर क्यों दिया जा रहा है? किसानों ने सरकार से नई प्रजाति के बीजों पर ज्यादा सब्सिडी देने की मांग की। इसके अलावा तौल केंद्रों की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। एक किसान ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उनके गांव में तौल बाबू दोपहर 2 बजे ही सेंटर बंद करके चले जाते हैं, जबकि ज्यादातर किसान शाम के वक्त गन्ना लेकर पहुंचते हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसानों की इन तमाम शिकायतों पर रोहन समिति के अध्यक्ष अनिल त्यागी ने जवाब दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की हर समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है।

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