लंदन (London) में रहने वाली एक महिला की जिंदादिली की दुनियाभर में चर्चा हो रही है. ईस्ट लंदन निवासी सलवा हुसैन (Selwa Hussain) मुल्क की अकेली महिला हैं जिनके शरीर में दिल नहीं है. सलवा का दिल उनकी पीठ पर लगे बैग में है. इस स्थिति को लेकर उनका परिवार हमेशा फिक्रमंद रहता है लेकिन मन से मजबूत सलवा हमेशा खुशहाल दिखती हैं. सलवा को कुछ समय पहले हार्ट अटैक पड़ा उस वक्त वो घर में अकेली थीं. उन्होंने हिम्मत जुटाई और खुद ड्राइव कर पड़ोस में रहने वाले फेमिली डॉक्टर के पास पहुंचीं. इसके बाद उनकी कहानी दुनिया के लिए मिसाल बन गई.
Selwa Hussain को चंद महीने पहले हार्ट अटैक पड़ा. वो घर पर अकेली थीं लेकिन उन्होंने हिम्मत जुटाई और खुद ड्राइव कर डॉक्टर के पास पहुंची.
सलवा हुसैन (Selwa Hussain) का लंदन में हार्ट ट्रांसप्लांट (Heart Transplant London) होना था लेकिन खराब तबीयत की वजह से ऐसा नहीं हो सका.
Selwa Hussain को नई जिंदगी देने वाली इस अत्याधुनिक डिवाइस में दो बैटरी हैं जिसका वजन करीब 7 किलो है.
कृत्रिम दिल (Artificial heart) का काम करने वाली डिवाइस में एक इलेक्ट्रिक मोटर और पंप है, जो बैटरी की मदद से उनके शरीर में रक्त परिसंचरण के लिए अटैच्ड ट्यूब के माध्यम से सीने में एक प्लास्टिक बैग में हवा को धकेलती है.
Selwa Hussain का पांच साल का एक बेटा है और 18 महीने एक बेटी है. सेल्वा कहती हैं, ‘मैं ये सर्जरी होने से पहले और उसके बाद काफी बीमार थी. मुझे ठीक होने में लंबा वक्त लगा.’ लंदन (London) की इस महिला की कहानी वायरल है.
डिवाइस की वजह से Selwa Hussain की जान बची हुई है. इसकी एक कमजोर कड़ी भी है. लंदन में हुई सर्जरी (London Heart Transplant) में डिवाइस की बैटरी खत्म होने के बाद उसे बदलने के लिए सिर्फ 90 सेकंड का समय होता है.




More Stories
हिंदुस्तान ओलंपियाड में वेदांता पब्लिक स्कूल का परचम, विद्यार्थियों ने रचा सफलता का इतिहास
क्षेत्रीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में वेदांता पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने लहराया परचम
मुजफ्फरनगर में उत्तर भारत की सबसे बड़ी श्री बालाजी शोभायात्रा का भव्य शुभारंभ, 24 घंटे शहर में गूंजेंगे जयकारे