जलालाबाद/शामली
ब्रह्मलीन संत की पुण्य तिथि पर आयोजित यज्ञ में वैदिक मंत्रो के उच्चारण के पश्चात आरती की। सत्संग भवन में भजन -प्रवचन किए । भजन- प्रवचन से ब्रह्मलीन संत का श्रद्धालुओं ने गुणगान किया। ब्रह्मलीन स्वामी धीरज दास जी महाराज की प्रथम पुण्यतिथि शनिवार में आयोजित की गई। कस्बे के सिद्ध पीठ देवता मंदिर परिसर में स्थित समाधि पर सुबह में पंडित राधेश्याम शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण से यज्ञ संपन्न कराया। यजमान स्वरूप केके शर्मा ,बुधराज नारंग, सुचिता बथानी, रहे। यज्ञ पश्चात सामूहिक आरती आयोजित की गई । आरती में देवता मंदिर के महंत श्रीराम पथिक ,अन्य संत रहे। कटहरा बाजार स्थित पंजाबी सत्संग भवन में स्वामी विवेकानंद जी महाराज के सानिध्य में भजन प्रवचन आयोजित किए । स्वामी विवेकानंद महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया की स्वामी धीरज दास महाराज त्यागी, मोह- माया से दूर, विरक्त संत के रूप में रहे। भगवान की भक्ति भावना में सदैव लीन रहते । उनकी शिक्षा सदैव लोभ, मोह, माया से दूर रहने की रही। ऐसे संत के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। डॉ मुकेश शास्त्री ने बताया कि ऐसे सिद्धांतों के संत कम ही होते हैं। उन्होंने जीवन भर जो मिल गया उसी में अपना जीवन व्यतीत किया। कार्यक्रम में लव गौड, वाशु सुरेंद्र वर्मा ,कन्हैया शर्मा, सत्येंद्र राणा, शेखर योगी, अवनीश आहूजा ,मिंटू नारंग ,अमरनाथ बजाज, आशु पाल, पवन पाल, आदेश गर्ग, जीतू सुनील मित्तल दिनेश मित्तल नरेश मित्तल मौजूद रहे।
सतेन्द्र राणा
थानाभवन
9411608030




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