October 21, 2021

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चीन ने बांध बनाकर रोका 5 देशों का पानी, 7 करोड़ लोग प्रभावित

चीन का अमानवीय चेहरा दुनिया के सामने फिर बेनकाब हो गया है। चीन ने बड़े-बड़े बांध बनाकर दक्षिण पूर्व एशिया की गंगा कही जाने वाली मेकांग नदी का प्रवाह ही रोक दिया है जिस कारण कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड, म्यांमार और वियतनाम में हाहाकार मचा हुआ है। चीन ने मेकांग नदी पर एक बहुत बड़ा बांध बना लिया है जिससे नदी के निचले हिस्से में रहने वाले लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। यह नदी दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र के लिए एक प्रमुख जल स्रोत है।दुनिया की सबसे बड़ी अंतर्देशीय मत्स्य पालन घर है मेकांग नदी
मेकांग नदी जो तिब्बती पठार से निकलती है और छह देशों से होकर बहती है, दुनिया की सबसे बड़ी अंतर्देशीय मत्स्य पालन घर है और म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, कंबोडिया और वियतनाम जैसे गरीब देशों में 60 मिलियन से अधिक लोगों की आजीविका देती है। मेकांग नदी आयोग ने चिंता जताते हुए कहा कि नदी में जल का स्तर वास्तव में चिंतनीय स्तर तक कम हो गया है। चीन के इस कदम से 5 देशों के लगभग 7 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। द टाइम्स ऑफ इज़राइल में एक ब्लॉग पोस्ट में फैबियन बॉसार्ट ने कहा कि नदी के किनारे रहने वाले लोग और यहां तक ​​कि इसके पानी पर निर्भर लोग भी अब जल संकट से जूझ रहे हैं । समस्या की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से खराब रेटिंग वाले लाओस ने चीन की आर्थिक मदद से मेकांग और उसकी सहायक नदियों पर 140 बांध बनाने की योजना बनाई है।
द टाइम्स ऑफ इज़राइल ब्लॉग पोस्ट ने बताया कि चीन ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ऊपरी मेकांग के पहाड़ी क्षेत्र में 11 विशाल बांध बनाए हैं। इसके अलावा, बेल्ट रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के एक हिस्से के रूप में निचली मेकांग नदी और उसकी सहायक नदियों में नदी को चौड़ा करने और सैकड़ों बांध बनाने की योजना है । बाउसर्ट ने लिखा कि ऊपरी मेकांग में चीन की बेतरतीब निर्माण गतिविधियों के कारण निचले बेसिन क्षेत्र के क्षेत्रों में सूखे के साथ-साथ मत्स्य पालन और कृषि गतिविधियों का विनाश देखा जा रहा है। अब बीआरआई के तहत आगे की निर्माण गतिविधियों, जिसमें मेकांग के प्रवाह को बदलना शामिल है, से गंभीर नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव पड़ने वाले हैं जो गरीब दक्षिण एशियाई देशों में लाखों आजीविका को नष्ट कर देंगे ।
उतार-चढ़ाव से 7 करोड़ लोगों के जीवन पर सीधा प्रभाव
बता दें कि थाईलैंड-लाओस की सीमा पर मेकांग नदी एक महत्वपूर्ण जलमार्ग का काम करती है लेकिन पानी की कमी के कारण यहां नावों को चलाना अब मुश्किल हो गया है। प्रवाह रुकने का कारण मेकांग नदी का पानी जो पहले गंदा भूरा दिखता था वह अब नीला हो गया है। यह सब चीन के युनान प्रांत में जिंगहोंग बांध में पानी को रोके जाने के कारण हुआ है। मेकांग नदी आयोग ने कहा कि पानी की कमी का प्रमुख कारण चीन के बड़े-बड़े बांध और सहायक नदियों के क्षेत्र में वर्षा के घटते स्तर के कारण हुआ है। मेकांग नदी आयोग सचिवालय के तकनीकी सहायता प्रभाग के निदेशक विनाई वोंगपिमूल ने कहा कि चीन के जिंगहोंग बांध के आगे के इलाके में मेकांग नदी का पानी बहुत कम हो गया है। इस तरह के उतार-चढ़ाव से 7 करोड़ लोगों के जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।