मुजफ्फरनगर। संयुक्त वैश्य अग्रवाल महासभा के बैनर तले बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए UGC द्वारा 15 जनवरी 2026 से लागू किए गए “उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026” को तत्काल वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि UGC का दावा भले ही सभी वर्गों के लिए समान और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाने का हो, लेकिन यह नियम वास्तव में समान नहीं हैं और स्वर्ण वर्ग के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि ये नियम विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता बढ़ाने का काम करेंगे।

महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2012 के नियमों में केवल एससी/एसटी समुदाय शामिल था, जबकि 2026 के नियमों में ओबीसी को भी शामिल कर लिया गया है, जिससे स्वर्ण और ओबीसी छात्रों के बीच भेदभाव बढ़ने की आशंका है। नए नियमों के तहत शिकायत मिलने पर 24 घंटे में कार्रवाई शुरू कर 60 दिनों में निस्तारण की बाध्यता है, जिससे परीक्षा के समय झूठी शिकायतों के जरिए सामान्य वर्ग के छात्रों को परेशान किया जा सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने पर चेतावनी से लेकर निष्कासन तक की कठोर सजा का प्रावधान है, जबकि झूठी शिकायत करने वालों पर कोई दंड नहीं है। साथ ही समानता समिति में स्वर्ण वर्ग को शामिल न करना भी अन्यायपूर्ण बताया गया। उन्होंने इन नियमों को “काला कानून” बताते हुए कहा कि यदि इन्हें समाप्त नहीं किया गया तो स्वर्ण वर्ग के छात्रों का भविष्य गंभीर खतरे में पड़ जाएगा। इस अवसर पर दिनेश गुप्ता, शिवकुमार सिंघल, अशोक कुमार, विनोद, शरद गुप्ता, नीरज बंसल, मनोज शर्मा, सुरेंद्र अग्रवाल, कुलदीप चौहान, पुनीत सिंघल, मुदित जैन, संजीव कुमार गोयल, सुशील शर्मा, अशोक सिंघल, विपिन गोयल, गोपाल मित्तल, अतुल त्यागी, संजय मित्तल सहित काफी संख्या में स्वर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।





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